11 दिसंबर 2011 - 20:30

ईरान के गुप्तचर मंत्री श्री हैदर मुस्लेही ने कहा है कि वाशिंग्टन का ईरानियों के लिए वर्चुअल दूतावास खोलने का क़दम जासूसी का जाल है....

ईरान के गुप्तचर मंत्री श्री हैदर मुस्लेही ने कहा है कि वाशिंग्टन का ईरानियों के लिए वर्चुअल दूतावास खोलने का क़दम जासूसी का जाल है। इरना की रिपोर्ट के अनुसार गुप्तचर मंत्री श्री हैदर मुस्लेही ने कल कहाः जिन्हें वर्चुअल दूतावास की वेबसाइट द्वारा धोखा दिया जा सकता है उन्हें ज़रूर सचेत किया जाए कि यह उन्हें जासूसी में फांसने के लिए एक प्रकार का चारा है। उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि यह वेबसाइट भी उसी मार्ग पर है जिस मार्ग पर ईरान में अमरीका का पूर्व दूतावास चल रहा था, कहा कि एक दूतावास दोनों संबंधित देशों की स्वीकृति से ही स्थापित हो सकता है। ईरान के गुप्तचर मंत्री ने कहा कि एक दूतावास खोलने के कई चरण होते हैं और अमरीका जिस वर्चुअल दूतावास का सुझाव दे रहा है वह अमान्य है। ज्ञात रहे तेहरान में अमरीकी दूतावास बंद होने के तीन दशकों से अधिक समय पश्चात ईरानियों के लिए अमरीका ने 6 दिसंबर को वर्चुअल दूतावास आनलाइन खोला है। उल्लेखनीय है कि 4 नवम्बर 1979 को ईरानी विश्वविद्यालय के छात्रों ने जो इमाम ख़ुमैनी के मार्ग पर चलने वाले संगठन "पैरोए ख़त्ते इमाम" के सदस्य थे, तेहरान में अमरीकी दूतावास पर क़ब्ज़ा कर लिया था क्योंकि उस समय तेहरान में अमरीकी दूतावास जासूसी का अड्डा बना हुआ था और नवस्थापित इस्लामी व्यवस्था को गिराने का षड्यंत्र रच रहा था।

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